बदायूं/ककराला।
क़स्बा ककराला में विश्वविख्यात सूफी संत हज़रत शाह शुजाअत अली मियाँ रहमतुल्लाह अलैह का 70वां सालाना उर्स 28 और 29 मार्च को अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं और पूरा कस्बा रूहानी माहौल में रंगने को तैयार है।
गुरुवार को शाह सकलैन एकेडमी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उर्स इंतिजामिया कमेटी ने बताया कि यह उर्स दरगाह प्रमुख सज्जादानशीन हज़रत ग़ाजी मियां हज़ूर की सरपरस्ती में संपन्न होगा। देश-विदेश से लाखों जायरीन के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कमेटी के अनुसार महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद उर्स में शिरकत करेंगे। जायरीनों के ठहरने, खाने-पीने, पेयजल, साफ-सफाई, रोशनी, चिकित्सा और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है।
पहले दिन (28 मार्च) का कार्यक्रम:
उर्स का आगाज़ सुबह फजर की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी और फातिहा से होगा। दोपहर बाद 3 बजे दरगाह शाह दरगाही मियां जियारत शरीफ से परचम कुशाई का जुलूस निकलेगा, जो जामा मस्जिद, हुसैन गली, खिलाड़ी वाली चौपाल, पूरब पुल और मुख्य बाजार से होकर दरगाह शाह शुजाअत मियां पर संपन्न होगा। रात में नात-मनकबत ख्वानी और उलमा-ए-किराम की सूफियाना तकरीरें होंगी। साथ ही जायरीनों के लिए लंगर (भंडारा) का विशेष इंतजाम रहेगा।
दूसरे दिन (29 मार्च) का कार्यक्रम:
दूसरे दिन भी सुबह कुरआन ख्वानी के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। सुबह 9 बजे उलमा-ए-किराम की तकरीरें होंगी, जबकि 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इस दौरान विश्व शांति, देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की जाएगी।
उर्स इंतिजामिया कमेटी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम, भाईचारा, सौहार्द और इंसानियत का संदेश फैलाना है। सूफी संतों की शिक्षाएं आज भी लोगों को आपसी एकता और मानव सेवा की प्रेरणा देती हैं।
प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात और पार्किंग व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मेडिकल कैम्प, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उर्स को सफल बनाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रेस वार्ता में इंतिखाब सकलैनी, हमजा सकलैनी, मुरतजा सकलैनी, मुंतसिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, गौसी सकलैनी, तौसीफ सकलैनी, हाफिज अयाज, हाफिज आमिल, हाफिज कैस, सरफराज सकलैनी, डॉ. अबुजर सकलैनी, फराज सकलैनी, सालिक सकलैनी, मुस्तफीज सकलैनी, चाहत सकलैनी, जाहिद सकलैनी, सलीम सकलैनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat