बदायूँ। जनपद के विकास खण्ड जगत की ग्राम पंचायत इस्लामगंज में विकास कार्यों के नाम पर भारी अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला गरमा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रमण गुप्ता ने जिलाधिकारी और जांच अधिकारी को साक्ष्यों के साथ पत्र भेजकर ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि प्रधान ने मिलीभगत कर एक ही कार्य को फाइलों में दो बार दिखाकर सरकारी खजाने को चपत लगाई है।
एक ही नल का दो बार रिबोर, फर्जी वाउचरों का खेल
शिकायतकर्ता राकेश रमण गुप्ता ने साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में शमशान भूमि पर एक नल के रिबोर का कार्य 13 जुलाई 2021 को (वाउचर नंबर STHSFC/21-22 P/12) ₹43,802 में दर्शाया गया। आश्चर्यजनक रूप से उसी नल का दोबारा रिबोर 17 अगस्त 2022 को (वाउचर नंबर P/12) ₹43,822 में दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
नाम बदलकर फर्जी भुगतान का आरोप
शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि एक ही नल को अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर दिखाकर फर्जीवाड़ा किया गया है। शिवम गुप्ता और सुरेंद्र के नाम पर एक ही नल को दो बार दर्शाया गया। रहीसुल और लाल मोहम्मद के नाम पर भी 2024 में अलग-अलग तिथियों में फर्जी तरीके से भुगतान दर्शाने का आरोप है।
सड़कों के निर्माण में भी कागजी हेराफेरी
भ्रष्टाचार का यह खेल केवल नलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीसी रोड और इंटरलॉकिंग निर्माण में भी दोहरा भुगतान लेने का आरोप है।
शिकायत के अनुसार श्रीराम के घर से गजराम के घर तक और पुष्पेंद्र के घर तक बनाई गई सड़क को बार-बार फाइलों में दिखाकर सरकारी धन निकाला गया। इसी प्रकार श्रीराम के घर से लज्जाराम और खुशीराम के घर से राकेश के घर तक की सड़कों को भी दो बार कागजों में दर्ज किया गया है।
8 महीने से जांच लंबित, प्रशासन पर सवाल
राकेश रमण गुप्ता ने जिलाधिकारी को भेजे गए अपने पत्र में क्षोभ व्यक्त किया है कि 8 सितंबर 2025 को की गई शिकायत के बावजूद 8 माह बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने जांच अधिकारी पर प्रधान से सांठगांठ का संदेह जताते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है।
इस मामले ने ब्लॉक जगत की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
Budaun Amarprabhat