660 मेगावाट की नई ताकत से बिजली उत्पादन को मिलेगी रफ्तार, प्रदेश की क्षमता 13,000 मेगावाट के पार
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। उत्तर प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की तीसरी इकाई (यूनिट-3) का सफलतापूर्वक ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन पूरा कर लिया गया है। 660 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट का 765 केवी ग्रिड से जुड़ना प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना एनएलसी इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। इस नई यूनिट के जुड़ने से प्रदेश की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 13,388 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है।
परियोजना के पूर्ण संचालन के बाद प्रतिदिन करीब 47.52 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और उद्योगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। खास बात यह है कि इस परियोजना से उत्पादित करीब 93 प्रतिशत बिजली उत्तर प्रदेश को ही मिलेगी, जिससे राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बड़ा बल मिलेगा।
गौरतलब है कि परियोजना की पहली और दूसरी यूनिट पहले ही दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 में शुरू हो चुकी हैं, जो समयबद्ध कार्यप्रणाली का उदाहरण हैं। साथ ही भविष्य में कोयले की निरंतर आपूर्ति के लिए झारखंड के पचवारा साउथ कोल ब्लॉक का भी तेजी से विकास किया जा रहा है।
यह परियोजना पर्यावरणीय मानकों पर भी पूरी तरह खरी उतरती है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए एफजीडी और एससीआर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, वहीं ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है।
घाटमपुर की यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की साख को मजबूत करेगी, बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश को भी नई गति देगी। साफ है कि उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।
Budaun Amarprabhat