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समय रहते टली दो मासूम जिंदगियां बर्बाद होने से, बाल विवाह की साजिश नाकाम

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चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सूचना पर पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, परिजनों से भरवाया शपथ पत्र

बदायूं। संवाददाता: गोविंद देवल

जनपद में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर एक बार फिर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दो किशोरियों की जिंदगी को बर्बाद होने से बचा लिया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर चाइल्ड हेल्पलाइन बदायूं और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों प्रस्तावित बाल विवाह रुकवा दिए।
मामला थाना कुंवरगांव क्षेत्र का है, जहां दो किशोरियों का विवाह क्रमशः 26 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होना तय था। सूचना मिलते ही परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने तत्काल जिला प्रोबेशन अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण समिति को अवगत कराया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार के आदेश पर टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान किशोरियों की आयु क्रमशः लगभग 16 और 17 वर्ष पाई गई, जो कानूनी विवाह आयु से कम है। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए शपथ पत्र दिया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले बेटियों का विवाह नहीं करेंगे।
टीम में काउंसलर मुन्तजिम, केस वर्कर पुरुषोत्तम शर्मा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के आरक्षी कुलदीप मिश्रा, महिला कांस्टेबल रेनू सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। आवश्यक कार्रवाई के तहत किशोरियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की गई।
समन्वयक कमल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक तीन से अधिक बाल विवाह रोके जा चुके हैं। साथ ही अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
इस दौरान ग्राम प्रधान रावेन्द्र और पंचायत सहायक भगवान सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।


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