बजट न मिलने पर उठे सवाल, विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं/बरेली। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं की सचिव सुमन तिवारी ने राजकीय सम्प्रेषण गृह (किशोर) और राजकीय महिला शरणालय (नारी निकेतन), बरेली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश जारी किए गए।
राजकीय सम्प्रेषण गृह में बदायूं जनपद से संबंधित 16 किशोर पाए गए, जिनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत की गई। अधिकांश किशोरों ने किसी समस्या की शिकायत नहीं की, लेकिन एक किशोर की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिससे नशे के सेवन की आशंका जताई गई। इस पर संबंधित अधिकारियों को सभी किशोरों की मादक पदार्थों के सेवन की जांच कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि किशोरों के भोजन आदि के लिए नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर सचिव ने जिला प्रोबेशन अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई और पत्राचार करने के निर्देश दिए।
साथ ही अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किशोरों की किसी भी विधिक समस्या की जानकारी तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी जाए, ताकि समय पर समाधान किया जा सके।
इसके अलावा नारी निकेतन, बरेली का भी निरीक्षण किया गया, जहां विभिन्न प्रकोष्ठों में कुल 100 से अधिक संवासिनियां मौजूद मिलीं, जिनमें बदायूं की एक महिला भी शामिल है। पूछताछ के दौरान किसी ने भी कोई विशेष समस्या नहीं बताई।
निरीक्षण के समय नारी निकेतन की प्रभारी अधीक्षक अवकाश पर पाई गईं, जिस पर प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि संवासिनियों की विधिक समस्याओं से संबंधित सूचना तत्काल प्राधिकरण को भेजी जाए।
सचिव ने स्पष्ट किया कि संस्थानों में रहने वाले किशोरों और महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
Budaun Amarprabhat