गांव से आईटीआई तक का सफर, संघर्षों के बीच हासिल की यूपीपीसीएल में नौकरी; युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
बदायूं। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सलारपुर से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। जनपद के ग्राम बमनपुरा, पोस्ट मरोरी निवासी पवन प्रताप ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ निश्चय और मेहनत के बल पर सफलता हासिल कर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है।
पवन प्रताप के पिता रामचंद्र और माता रामरती देवी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने हाईस्कूल महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, उसावां तथा इंटरमीडिएट गंगादीन इंटर कॉलेज, गूरा नवीगंज से उत्तीर्ण किया। बचपन से ही मेधावी पवन का रुझान तकनीकी शिक्षा की ओर रहा, जिसके चलते उन्होंने वर्ष 2007 में राजकीय आईटीआई, सलारपुर में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रवेश लिया और वर्ष 2009 में अनुदेशक लालाराम गौतम के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण पूरा किया।
प्रशिक्षण के बाद पवन ने ग्रेटर नोएडा स्थित ग्लोबल ऑटोटेक लिमिटेड में टेक्नीशियन के पद पर कार्य शुरू किया और करीब चार वर्षों तक सेवाएं दीं। हालांकि पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें नौकरी छोड़कर गांव लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने खेती के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे।
उनकी मेहनत रंग लाई और 8 अप्रैल 2019 को उनका चयन यूपीपीसीएल के तहत टेक्नीशियन ग्रेड-2 पद पर हो गया। वर्तमान में वह 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, सलारपुर में तैनात हैं और पिछले सात वर्षों से पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पवन प्रताप की यह सफलता न केवल उनके संघर्ष की कहानी है, बल्कि आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। यह उदाहरण साबित करता है कि कठिनाइयों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हो, तो सफलता निश्चित है।
Budaun Amarprabhat