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गैस सिलेंडर के दामों पर भड़का व्यापार मंडल, पुलिस ने घंटों रखा नजरबंद

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नारेबाजी के बीच राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन, बोले व्यापारी — “3171 रुपये का सिलेंडर कारोबार खत्म कर देगा”


बदायूं, 7 मई। व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। प्रांतीय आह्वान पर जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी के प्रतिष्ठान पर जुटे व्यापारियों को पुलिस प्रशासन ने भारी फोर्स के साथ घंटों नजरबंद कर दिया। इससे नाराज व्यापारियों ने जमकर गगनभेदी नारे लगाए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। बाद में अधिकारियों के समझाने पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन क्राइम इंस्पेक्टर सिविल लाइन कोतवाली सुपेंद्र मलिक को सौंपा।
आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता, प्रदेश मंत्री भूपेंद्र गुप्ता और जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने किया। व्यापारियों का कहना था कि व्यवसायिक गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत ने होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, डेरी, कैटरिंग, कुटीर उद्योग और ठेला कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।
प्रदेश मंत्री पवन जैन ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से छोटे और मझौले कारोबार बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 1 मई 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 2080 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3171 रुपये कर दिया, जिससे व्यापारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है।
प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा ने मांग उठाई कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग घरेलू गैस की तरह शुरू की जाए और आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश लड्डा ने कहा कि गैस के वैकल्पिक संसाधनों की खोज के लिए अनुसंधान समिति बनाई जाए तथा बढ़ी हुई दरें तुरंत वापस ली जाएं।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने मांग की कि शादी-विवाह, अस्पतालों और स्कूलों के लिए आवश्यकता अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। वहीं प्रदेश मंत्री भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि गैस एजेंसियों को मिलने वाला भाड़ा उपभोक्ताओं के बिल से कम किया जाए और कमर्शियल गैस पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की जाए।
जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता ने कहा कि कमर्शियल गैस संकट के चलते उद्योगों को पुराने वैकल्पिक ईंधन प्रयोग करने की अनुमति दी जाए और प्रदूषण विभाग व एनजीटी नियमों में पांच वर्ष की छूट प्रदान की जाए।
इस दौरान नवनीत गुप्ता, संजीव आहूजा, रूपेंद्र सिंह लाम्बा, महेश चंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, अरुण गुप्ता, नरेंद्र यादव, सर्वत हमीद खान, जावेद खान, प्रमोद गुप्ता, राजू पंजाबी, जिन्ना सिंह, सलीम सैफी, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद असीम, संजय रस्तोगी, अतुल गुप्ता, राजेश गुप्ता सहित भारी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।


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