रमजानपुर, लोहाठेर और मिढोली में फूलों की बारिश, जनता ने 2027 में चुनाव लड़ने की उठाई मांग
बोले- सत्ता में आए तो रमजानपुर बनेगा नगर पंचायत, शेखूपुर में होगा विकास का नया दौर
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं
समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारक एवं राष्ट्रीय सचिव पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने रविवार को रमजानपुर, लोहाठेर, मिढोली और कादरचौक क्षेत्र में जनसभाएं कर पीडीए के समर्थन में माहौल बनाया। इस दौरान गांवों की जनता ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया और 116 शेखूपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2027 का चुनाव लड़ने का आग्रह किया।
जनसभाओं के दौरान कई स्थानों पर “Vote for Abid Raza” लिखे होर्डिंग और बैनर लगाए गए। ग्रामीणों ने फूलों की बारिश, ढोल-नगाड़ों और जुलूस के साथ पूर्व मंत्री का जोरदार स्वागत किया। खासतौर पर रमजानपुर में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने घरों की छतों से फूल बरसाकर स्वागत को यादगार बना दिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए आबिद रज़ा ने कहा कि उनकी राजनीति का तरीका अलग है। वह बातें कम और काम ज्यादा करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि जहां से वह चुनाव जीतते हैं वहां की जनता को अपने काम के लिए भटकना नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि शेखूपुर विधानसभा में सड़क, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। विकास के नाम पर क्षेत्र पिछड़ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से जनता को हिंदू-मुस्लिम राजनीति में उलझाकर केवल वोट लेने का काम किया गया।
आबिद रज़ा ने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो रमजानपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिलाया जाएगा। साथ ही शेखूपुर विधानसभा में सड़कें, डिग्री कॉलेज और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वह सेकुलर राजनीति करते हैं और हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, किसान, मजदूर, छात्र और गरीब सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2027 में पीडीए उत्तर प्रदेश में जनविरोधी सरकार को हटाने में सफल होगा और अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान हुआ, उसी तरह 2027 में भी जनता बदलाव करेगी।
इस दौरान जनता ने एक स्वर में आबिद रज़ा से शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र को एक नए विकल्प और विकासवादी नेतृत्व की जरूरत है।
कार्यक्रम में विनोद यादव, बृजेश यादव, रामौतार जाटव, सुहैल अहमद, रमेश बाल्मीकि, रवि कश्यप, सुरेश मौर्य, नन्हे जाटव, सुनील यादव, हर्षित यादव, अरुण यादव, बहादुर खां, यूनुस खां, जाबिर खां, हाजी नवल खां, जीशान खां, सिद्दीक कुरैशी, डॉ. असद, मकसद खां, समीर खां, कामिल खां, जावेद खां, असद उल्ला, मुमताज समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat