पहले पानी संकट से जूझे लोग, अब बिजली कटौती ने गर्मी में किया बेहाल
संवाददाता : गोविंद देवल, बिल्सी

तेज हवा चलते ही बिल्सी नगर की बिजली व्यवस्था एक बार फिर लड़खड़ा गई। उझानी से बिल्सी के बीच आने वाली 33 केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण आज मंगलवार सुबह करीब 11 बजे से नगर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गायब रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगरवासियों का कहना है कि हल्की आंधी और बारिश में भी बिजली व्यवस्था जवाब दे जाती है। वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्थायी समाधान निकालने में गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। हर साल गर्मी के मौसम में बिल्सी के लोगों को इसी तरह बिजली संकट झेलना पड़ता है।
स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई क्योंकि नगर पालिका की पेयजल व्यवस्था पहले से ही प्रभावित चल रही थी। पिछले करीब 24 घंटे से नगर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित रही, जिससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। कई मोहल्लों में लोग हैंडपंप और निजी संसाधनों के सहारे काम चलाते नजर आए। पानी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य भी नहीं हो पाई थी कि बिजली व्यवस्था ठप होने से संकट और गहरा गया। बिजली न होने से पानी सप्लाई से जुड़े पंप भी प्रभावित हो गए, जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई।
नागरिकों का कहना है कि आखिर कब तक बिल्सी के लोग बिजली समस्याओं को लेकर परेशान होते रहेंगे। लगातार खराब होती व्यवस्था से उपभोक्ताओं का भरोसा भी बिजली विभाग से उठता जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में उपभोक्ता सोलर पैनल की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे बिजली विभाग को भी राजस्व नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बिजली विभाग का पक्ष
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार उझानी-बिल्सी 33 केवी लाइन में तेज हवा के चलते तकनीकी फाल्ट आया है। कर्मचारियों की टीम लाइन की जांच और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि फाल्ट ठीक होते ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
नगर पालिका का पक्ष
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि बिजली बाधित होने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली सप्लाई सामान्य होते ही पानी की व्यवस्था भी सुचारू करा दी जाएगी। पालिका की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जनप्रतिनिधियों से उठी स्थायी समाधान की मांग
नगरवासियों का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या की ओर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि 33 केवी लाइन की तकनीकी खामियों को दूर कराया जाए, जर्जर तार और उपकरण बदले जाएं तथा वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था मजबूत की जाए तो हर मौसम में होने वाली इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती है। नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
Budaun Amarprabhat