संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। साहित्यिक क्षेत्र में पहली बार 4 जुलाई को ‘मुकरी दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर के.बी. हिंदी सेवा न्यास (पंजी.) की 116वीं मासिक काव्य गोष्ठी न्यास कार्यालय पर आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता हर स्वरूप शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’ रहे। गोष्ठी का संचालन राजीव कुमार उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ न्यास अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ‘सुधांशु’ एवं अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’ ने वाणी वंदना प्रस्तुत की।
गोष्ठी में डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ‘सुधांशु’ ने मुकरी छंद के इतिहास, स्वरूप, विधान और व्याकरण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हिंदी साहित्य की रोचक और महत्वपूर्ण काव्य विधाओं में से एक है। उन्होंने अपनी रचना भी प्रस्तुत की। इसके बाद अवजीत ‘अवि’, राजवीर सिंह ‘तरंग’, राजीव कुमार उपाध्याय, विजय कुमार सक्सेना ‘विजय’, मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’, प्रवीण अग्रवाल ‘नादान’, साक्षी शर्मा, रमेश चंद्र मिश्र ‘सहज’ तथा प्रेम सिंह नेगी सहित अन्य रचनाकारों ने विभिन्न साहित्यकारों की मुकरियों का प्रभावी पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने सराहा।
कार्यक्रम के दौरान न्यास की ओर से साहित्यकार प्रेम सिंह नेगी को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र एवं पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद गोष्ठी का समापन हुआ। अंत में न्यास के सहसचिव प्रवीण अग्रवाल ‘नादान’ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat