बदायूँ। जनपद मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में पूर्व कमिश्नर बाबा हरदेव सिंह विचार मंच के बैनर तले पीड़ितों का धरना आज 13वें दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक उपेक्षा और नौकरशाही के कथित बेलगाम रवैये से आहत पीड़ित परिवार अपनी वैधानिक शिकायतों के निस्तारण और न्याय की मांग को लेकर डटे हुए हैं।
धरने को संबोधित करते हुए बरेली मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिनंदन सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य जनसेवा है, न कि शोषण। उन्होंने कहा कि आज की नौकरशाही संस्कारविहीन हो गई है। उन्होंने पूर्व कमिश्नर बाबा हरदेव सिंह, पूर्व डीएम एम. देवराज और पूर्व एसएसपी एम. पदमजा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन अधिकारियों ने अपने कार्यों और संस्कारों से जो सम्मान कमाया, वही असली विरासत है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पीड़ितों की मांगों पर संज्ञान लेने की पुरजोर अपील की।
सहसवान विधानसभा अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह यादव ने कहा कि ईमानदारी और कर्तव्यों के प्रति निष्ठा ही नौकरशाही की असली पहचान होनी चाहिए। वरिष्ठ समाज सेवी मास्टर रक्षपाल सिंह ने दृढ़ संकल्पित होकर कहा कि सच्चाई और अनुशासन के सामने अन्याय को झुकना ही पड़ेगा। एडवोकेट राजेश मौर्य ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि शोषितों के हक की लड़ाई हमेशा सामूहिक जन-आंदोलनों से ही जीती गई है।
धरने का नेतृत्व कर रहे किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रोहिताश सिंह पटेल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक अन्याय के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक यह धरना जारी रहेगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि मंच हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष ऋषि नंदन शर्मा, जिला सचिव राजू कश्यप, बन्ने खां, अतुल पटेल, वीरेंद्र सिंह, प्रशांत सिंह, श्री कृष्ण, गजेंद्र, नारायणी देवी, श्रीवास्तव व राजू मौर्य सहित बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। धरने पर मुख्य रूप से कुसुम लता, चंद्रवती, किसवरी, स्नेह लता, दिलावर हुसैन और विनेश चंद्र सहित अनेक पीड़ित अपनी पीड़ा साझा करते हुए नजर आए।
Budaun Amarprabhat