बिसौली। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले बिजली संविदा कर्मियों ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशिक्षण के नाम पर वर्षों से कार्यरत कुशल श्रमिकों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति की जा रही है, जिससे उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने हटाए गए संविदा कर्मियों को दोबारा कार्य पर रखने, बाहरी नियुक्तियों पर रोक लगाने और फील्ड में मानक के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती की मांग की। साथ ही सुरक्षा उपकरण, परिचय पत्र, ईएसआई कार्ड, साप्ताहिक अवकाश और अन्य श्रमिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। संघ का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग के अधिकारियों की होगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह, मध्यांचल संगठन मंत्री राकेश कुमार, एवं जिला महामंत्री जापान सिंह के साथ अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी के साथ 8 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर देर शाम तक वार्ता चली। वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों के प्रति विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाही को वापस लेने पर सहमति बनी। धरना स्थल पर प्रदेश उपाध्यक्ष ई. हर्षवर्धन, संगठन मंत्री हरीश चंद्र, जिला अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह, विपिन कुमार सिंह राठौड़, पवन पटेल, विवेक शर्मा, मुकेश कुमार, अभय सिंह, कृपाल सिंह यादव, अमर सिंह, प्रेमपाल प्रजापति आदि संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat