बदायूँ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत बदायूँ पुलिस की प्रभावी व सशक्त पैरवी के चलते अदालत ने कुकर्म के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। माननीय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ की अदालत ने अभियुक्त कुककू को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला जनपद के थाना सहसवान से संबंधित है, जहाँ मु0अ0सं0 579/2023 के तहत अभियुक्त कुककू पुत्र सोहनलाल, निवासी मोहल्ला जहाँगीराबाद (थाना सहसवान) के विरुद्ध धारा 328 एवं 377 भादवि में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक ब्रजकिशोर द्वारा पूर्ण कर न्यायालय में गुणवत्तापरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल पर्यवेक्षण में मॉनीटरिंग सेल, अभियोजन विभाग और पैरोकार द्वारा अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए और लगातार समयबद्ध व प्रभावी पैरवी की गई। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को धारा 377 भादवि में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि धारा 328 भादवि में दोषमुक्त किया।
इस सफल अभियोजन में विवेचक उपनिरीक्षक ब्रजकिशोर, कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल रामेन्द्र कुमार तथा एडीजीसी (लोक अभियोजक) संजीव कुमार गुप्ता का विशेष व सराहनीय योगदान रहा।
Budaun Amarprabhat