बदायूं। संस्कृत महाविद्यालय बेड़ामऊ वैदिक विद्यापीठ में चल रहे सप्त दिवसीय संस्कृत सप्ताह के चौथे दिन मंगलवार को संस्कृत भाषा विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त विद्वान शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने संस्कृत विद्वानों एवं अभिभावकों को सम्मानित किया। इसके बाद संस्कृत के अध्ययन और व्यवहारिक जीवन में भाषा के महत्व पर विस्तार से परिचर्चा हुई।
आचार्य सर्वेश कुमार गुप्त ने महर्षि पाणिनि की अष्टाध्यायी के माध्यम से संस्कृत व्याकरण के प्रमुख चरणों की जानकारी दी। उन्होंने वर्णमाला, उच्चारण, स्वर-व्यंजन, शब्द रूप, धातु रूप, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, पुरुष, वचन, लिंग और कारक के अभ्यास को भाषा सीखने का आधार बताया।
प्राचार्य वेद मित्र आर्य ने संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी देकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। छात्र-छात्राओं ने संस्कृत कथाएं एवं कविताएं प्रस्तुत कीं और प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
इस अवसर पर लोकेश गुप्त, सत्येंद्र आर्य, आचार्य हिमांशु यादव, आचार्य शिव सिंह यादव, अंकित गुप्ता सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन आचार्य सर्वेश कुमार गुप्त ने किया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
Budaun Amarprabhat