सहसवान। ऐतिहासिक नगर सहसवान को रेल नेटवर्क से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मोहल्ला मुहीउद्दीनपुर निवासी शिक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता शोएब अहमद द्वारा सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी पर पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर का जवाब सामने आया है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सहसवान को नई रेलवे लाइन से जोड़ने या इसके सर्वे से संबंधित कोई भी प्रस्ताव अभी तक रेलवे बोर्ड को प्राप्त नहीं हुआ है। रेलवे ने यह भी बताया कि नई रेल परियोजना की स्वीकृति पूरी तरह रेलवे बोर्ड का नीतिगत विषय है।
इस खुलासे के बाद शोएब अहमद ने इस मुहिम को और अधिक तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सहसवान व्यापार, शिक्षा और रोजगार की दृष्टि से एक बड़ा केंद्र है, जिस पर आसपास के दर्जनों गांवों की आबादी निर्भर है। ऐसे में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सहसवान का रेल नेटवर्क से जुड़ना बेहद जरूरी है।
शोएब अहमद ने कहा, “सूचना का अधिकार के जवाब से स्थिति साफ हो चुकी है कि अभी तक बोर्ड के पास कोई प्रस्ताव नहीं पहुंचा है। अब हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हम इस मांग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार तक पुरजोर तरीके से पहुंचाएंगे।”
उन्होंने क्षेत्र के व्यापारियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहसवान रेलमार्ग की मांग किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य और विकास की साझा आवश्यकता है।
Budaun Amarprabhat