बदायूं। बाल विवाह के खिलाफ जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किए जाने का स्वागत किया है। संस्था ने इसे बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों की वैश्विक मान्यता बताया।
शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संस्था सचिव मीना सिंह ने कहा कि भारत से उठी बाल विवाह के खिलाफ आवाज अब पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। उन्होंने बताया कि संस्था ने सरकार और प्रशासन के सहयोग से कानूनी हस्तक्षेप के जरिए 18 बाल विवाह रुकवाए हैं। साथ ही स्कूलों, गांवों और पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का दोबारा स्कूल में दाखिला कराने का काम भी किया जा रहा है। इस दौरान बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता को लेकर लोगों को शपथ भी दिलाई गई।
Budaun Amarprabhat