जनसुविधाओं की समीक्षा कर पेंडेंसी खत्म करने के दिए सख्त निर्देश
बदायूं। उत्तर प्रदेश शासन एवं परिवहन आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाओं और दफ्तर की कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत परखने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मेरठ, श्रीमती अनीता सिंह ने संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस प्रशासनिक निरीक्षण से कार्यालय परिसर और कर्मियों में दिनभर हलचल बनी रही।
निरीक्षण के दौरान आरटीओ श्रीमती अनीता सिंह ने कार्यालय परिसर की समग्र व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने आम जनता के लिए उपलब्ध बुनियादी जनसुविधाओं—जैसे शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था, विभिन्न पटलों पर चल रहे दैनिक कार्यों की स्थिति, कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता, रिकॉर्ड रूम के रखरखाव तथा लंबित प्रकरणों (पेंडेंसी) की गहन समीक्षा की। जांच के दौरान दफ्तर में साफ-सफाई, पीने के पानी का प्रबंध और पटलों पर कामकाज सामान्य व सुचारु रूप से संचालित पाया गया।
अधिकारी ने परिसर में मौजूद आवेदकों से सीधे बातचीत कर विभागीय सेवाओं व कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक लिया, जिस पर नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया। हालांकि, कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए आरटीओ ने सख्त रुख भी दिखाया। कुछ कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों द्वारा पहचान पत्र (आईडी कार्ड) न पहने होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए भविष्य में अनिवार्य रूप से आईडी कार्ड पहनने की सख्त हिदायत दी।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पटल पर तैनात लिपिक अपनी नेम प्लेट अवश्य लगाएं, ताकि आम जनता को कार्य कराने में किसी प्रकार का भ्रम न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटल पर किसी भी कार्य की पेंडेंसी न रखी जाए और सभी आवेदनों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से शासन के नियमों के अनुरूप किया जाए। निरीक्षण के दौरान यात्री/मालकर अधिकारी अभिनव चौधरी, प्रधान सहायक असीम रजा, प्रवर्तन दल तथा कार्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat