बदायूँ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में देशभर में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ का आयोजन किया जा रहा है। 01 अगस्त से 30 दिसंबर तक संचालित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है।
जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक संगल के दिशा-निर्देशन में प्रभारी सचिव अंकित रस्तोगी अपर सिविल जज, सी.डि./त्वरित न्यायाधीश ने बताया कि अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, उपभोक्ता मामले, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, चेक बाउंस, घरेलू हिंसा और शमनीय आपराधिक मामलों का निस्तारण कराया जा रहा है।
वादकारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय और तहसीलों में तैनात पराविधिक स्वयंसेवकों द्वारा बैनर, पोस्टर व हैंडबिल के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
प्रभारी सचिव अंकित रस्तोगी ने आम जनमानस एवं वादकारियों से अपील की है कि वे मध्यस्थता केंद्र में उपस्थित होकर आपसी सहमति से अपने मुकदमों का निस्तारण कराएं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने अवगत कराया कि अभियान के तहत अब तक मध्यस्थता केंद्र बदायूँ में 4 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया जा चुका है।
Budaun Amarprabhat