श्री गणेश विसर्जन के लिए कछला जाते श्रद्धालु, वेदमंत्रोच्चार करते यज्ञाचार्य संजीव कुमार शर्मा।
उझानी : श्री गणेश चतुर्थी पर घरों और पंडालों में विराजमान भगवान श्री गणेश की अनंत चतुर्दशी पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण विदाई दी। श्रद्धालु श्री गणेश की प्रतिमाओं को लेकर कछला गंगा तट पहुंचे। यहां गंगा मैया की पूजा-अर्चना के बाद भव्य आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का गंगा में विसर्जन किया।
यज्ञाचार्य गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और प्रथम पूज्यनीय देवता हैं। श्री गणेश उत्सव हमें श्रद्धा के साथ पर्यावरण, स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। भगवान श्री गणेश के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प निरंतर बना रहना चाहिए। नगर के मुहल्ला नझियाई से श्री गणेश विसर्जन यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकली। वातावरण गणपति बप्पा मोरया मंगलमूर्ति मोरया के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्ति में झूमते नजर आए। महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। गणपति की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की गई।
कछला गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना और आरती के बाद श्रद्धापूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। भक्ति, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम दिखाई दिया। इस मौके पर उमाशंकर शर्मा, रिंकू शर्मा, ट्विंकल, मोहित, धर्मेंद्र शर्मा, अजीत, हृदेश, सोना तिवारी, सोनू, गुड्डू, श्रद्धा, सृष्टि, अनिल, वीरेंद्र, जूही, रमन, संतोष आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat