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भागवत कथा कराने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है।

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*श्री मद्भागवत कथा चतुर्थ दिवस*
*भागवत कथा कराने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते है।*

मंदिर श्री ठाकुर जी महाराज मोहल्ला चौबेमें आयोजित श्री मद भागवत कथा के चतुर्थ दिन कथा व्यास आचार्य कृष्ण कार्तिकेय द्वारा दो
भाइयों धुंधकारी और गोकर्ण का प्रसंग सुनाया गया ।कथा व्यास ने बताया कि धुंधकारी अपने जीवन में दुराचारी, व्यभिचारी और क्रूर था, जबकि गोकर्ण ज्ञानी और धार्मिक थे। धुंधकारी की मृत्यु के बाद, वह प्रेत योनि में भटकने लगा, और गोकर्ण ने श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करके अपने भाई को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाई।उन्होंने कहा कि श्री मद भागवत कथा करवाने से जन्म जन्मो के पाप नष्ट हो जाते है।श्री मद्भागवत कथा की महिमा अपरंपार है।श्री मद्भागवत कथा में अशोक गुप्ता, माधुरी गुप्ता ,अनुराग शर्मा, राजीव सक्सेना, दिलीप गुप्ता, साहिल गुप्ता, अजीत शंखधार , अमन मयंक शर्मा, अंचला गुप्ता , निशांत वैश्य, विदुषी गुप्ता, लव गुप्ता,संगीता गुप्ता, संतोष शर्मा आदि सैकड़ो भक्तो ने कथा का श्रवण किया एवं कथा के अंत में भक्तो को प्रसाद वितरित किया गया।


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