
प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, कलेक्ट्रेट से बीएसए कार्यालय तक निकाला पैदल मार्च
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में मंगलवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला इकाई ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी बदायूं को सौंपा गया। इसके बाद शिक्षिकाओं ने कलेक्ट्रेट से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला अध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं बीएसए कार्यालय पहुंचीं और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की प्रमुख मांग उठाई गई।
जिला अध्यक्ष किरण सिंह सिसोदिया ने कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नियमानुसार अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं और लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे में उन पर पुनः टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने इसे पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों और शिक्षिकाओं ने एक स्वर में कहा कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अनुचित है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की, ताकि शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और चिंता समाप्त हो सके।
प्रदर्शन के दौरान वींना सिंह, वीरवाला सिंह, अंजुम खान, सरोजिनी, पुष्पांजलि, निशा, नीलम, शशि, प्रमिला, ममता, अलका गुप्ता, अलका सागर, कंचन सक्सेना, नाहिद, कोमल, एकता, संतोष, पुष्पा, सना, मुजम्मिल, सर्वेश, रचना गोयल, रेणु, सुनीता, मुग्धा, मृदुला, शांति, राखी, नवनीत, साधना, वीना, सुमन, निशि, सना, रियाज, विजेता सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
अंत में संगठन ने शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
Budaun Amarprabhat