उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के जिला मंत्री राजकुमार शर्मा ने बताया कि विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति वर्ष 2000 में की गई थी। वर्ष 2003 में माननीय उच्च न्यायालय ने इन्हें नियमित करने के आदेश दिए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2006 में नियमित किया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना समाप्त हो चुकी थी, जिससे ये शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे थे। अब जाकर उनकी यह मांग पूरी हुई है, जिससे शिक्षकों में खुशी की लहर है।
राजकुमार शर्मा ने इसके लिए सरकार को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Budaun Amarprabhat