संवाददाता: गोविंद देवल
बिसौली/बदायूं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पूर्व विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पुरानी सेवाओं को जोड़ते हुए 2005 से पूर्व विज्ञापन के आधार पर पुरानी पेंशन देने के निर्णय से प्रदेशभर के शिक्षकों में खुशी की लहर है। इस फैसले से बदायूं जनपद के 25 सेवारत व सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2000 से 2003 के बीच प्रदेश में 2323 विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई थी। वर्ष 2003 में माननीय उच्च न्यायालय ने इन्हें विनियमित करने के आदेश दिए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने 2006 में 2087 शिक्षकों को आमेलनित किया। इस बीच वर्ष 2005 में पुरानी पेंशन योजना समाप्त हो चुकी थी, जिसके चलते ये शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित रह गए थे।
विषय विशेषज्ञ शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षक पिछले करीब 15 वर्षों से इस मांग को लेकर कोर्ट से लेकर शासन तक संघर्ष कर रहे थे। अब सरकार के इस निर्णय से उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने इस फैसले के लिए सरकार की सराहना की।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, डॉ. हरि सिंह ढिल्लो और राजबहादुर सिंह चंदेल ने सदन व शिक्षा समिति की बैठकों में मजबूती से उठाया, जिससे यह निर्णय संभव हो सका।
इस निर्णय से बदायूं जनपद के विभिन्न इंटर कॉलेजों के कुल 25 शिक्षकों को लाभ मिलेगा, जिनमें सिद्व बाबा इंटर कॉलेज शरह बरौलिया, केएम इंटर कॉलेज इस्लामनगर, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज उझानी, पार्वती कन्या इंटर कॉलेज बदायूं, राजा राम महिला इंटर कॉलेज बदायूं, अशरफी देवी नगर पालिका इंटर कॉलेज उझानी, प्रमोद इंटर कॉलेज सहसवान, पन्नालाल इंटर कॉलेज सहसवान, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज बदायूं, त्रिवेणी सहाय इंटर कॉलेज आसफपुर, नगर पालिका इंटर कॉलेज ककराला, मदन लाल इंटर कॉलेज बिसौली, रामशरण वैद्य इंटर कॉलेज मई बसई और ग्राम समाज इंटर कॉलेज बेरमई के शिक्षक शामिल हैं।
इसके अलावा मीरा अग्रवाल, अर्चना अवस्थी, लखपत सिंह, इमरानुद्दीन और रानी जौहरी सहित सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय पर संजीव कुमार तोमर, मीरा अग्रवाल, अकरम वाजिद, राजीव कुमार शर्मा, दिनेश पाल सिंह, महावीर प्रसाद, प्रभाशंकर सक्सेना, सुलेखा सिंह, प्रकाशवीर शर्मा, सुनीत मिश्रा सहित कई शिक्षकों व लोगों ने खुशी जताते हुए बधाई दी है।
Budaun Amarprabhat