नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के नेता, लोकसभा में मुख्य सचेतक एवं सांसद धर्मेंद्र यादव ने जातीय जनगणना के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से स्पष्टता की मांग की है।
उन्होंने अपने वक्तव्य की शुरुआत समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया, अमर शहीद भगत सिंह और राजगुरु को नमन करते हुए की। इस दौरान उन्होंने डॉ. लोहिया के नारे “संसोपा ने बांधी गांठ– पिछड़े पावे सौ में साठ” को दोहराते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा के तहत लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग उठती रही है।
सांसद ने कहा कि 30 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के निर्णय का देशभर में स्वागत हुआ था और इससे पिछड़े वर्ग को न्याय मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि जनवरी 2026 में जारी गजट (नोटिफिकेशन) का अध्ययन करने पर यह सामने आया कि उसमें पिछड़े वर्ग (OBC) का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जो चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि सरकार के बयानों और आधिकारिक दस्तावेजों में विरोधाभास नजर आता है। वर्ष 2011 की जातीय जनगणना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी पिछड़े वर्ग के साथ न्याय नहीं हो पाया था, जिसके चलते आज भी यह वर्ग आशंकित है।
सांसद ने सरकार से मांग की कि यदि मंशा स्पष्ट है तो गजट में संशोधन कर पिछड़े वर्ग को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए और नया नोटिफिकेशन जारी किया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो सके।
Budaun Amarprabhat