11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जाएगा बदायूं, पांच प्रमुख अंडरपासों पर होगी निर्णायक बातचीत
संवाददाता: गोविंद देवल
उझानी/जिरौली।
उझानी-जिरौली मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 19वें दिन भी जारी रहा। लगातार बढ़ते जनसमर्थन के बीच अब जिला प्रशासन ने वार्ता के लिए बुलावा भेजा है। सोमवार 30 मार्च को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बदायूं जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करेगा।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों के अनुसार जिरौली, बटुला बोर्ड, फूलपुर, गुनौरा, बाजितपुर, लोड़ा, बहड़ी और कुरऊ मार्ग समेत पांच प्रमुख अंडरपासों को लेकर वार्ता होनी है, जो क्षेत्र के दर्जनों गांवों के आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि “आखिर ऐसा कौन सा कानून है, जिसके तहत पांच दर्जन से अधिक गांवों के पुश्तैनी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। यह ग्रामीणों को सीधे मौत के मुंह में धकेलने जैसा है।” उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मंडी तक पहुंचाने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है।
वहीं कामरेड राम प्रकाश ने कहा कि यह धरना पूरी तरह जनहित में है। “साठ से अधिक गांवों के लोग आवागमन और खेती-बाड़ी कैसे करेंगे, यह एक गंभीर समस्या है। प्रशासन को तत्काल पहल कर अंडरपास बनवाने चाहिए,” उन्होंने कहा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जनहित सर्वोपरि है और किसानों-मजदूरों की आवाज को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए।
धरने में भगवान स्वरूप शर्मा, राजाराम राजपूत, रामपाल राजपूत, गंगाराम राजपूत, हीरालाल राजपूत, बृजपाल राजपूत, नेतराम राजपूत, तुलसी राजपूत, ओमप्रकाश राजपूत, असलम अंसारी, बेला सहाय, वेद प्रकाश, सुरेश चंद्र राजपूत, तेजपाल राजपूत, राहुल तूफानी, प्रवेश गुप्ता समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
Budaun Amarprabhat