मेधावियों पर बरसा सम्मान, स्टूडेंट ऑफ द ईयर और बेस्ट टीचर अवॉर्ड ने बढ़ाया उत्साह
संवाददाता: गोविंद देवल
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव रियोनाई स्थित रियोनाई-खितौरा रोड पर श्री कालसेन बाबा मंदिर के सामने स्थित एस.के.बी. इंटर कॉलेज में वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण समारोह धूमधाम और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को साइकिल, शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
समारोह का शुभारंभ कॉलेज के चेयरमैन महेश चंद्र सक्सेना, डायरेक्टर शेखर सक्सेना, पत्रकार रिंकू भारद्वाज और एमडी आशीष सक्सेना द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब जूनियर वर्ग की मेधावी छात्रा उज्ज्वल शर्मा और प्राइमरी वर्ग के छात्र अंकित को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। साइकिल पाते ही दोनों बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
इसके अलावा ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का खिताब जूनियर वर्ग की छात्रा अनुष्का और प्राइमरी वर्ग की छात्रा प्रिंसी यादव को दिया गया। सभी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षकों के योगदान को भी मंच से सराहा गया। जूनियर वर्ग के बेस्ट टीचर उमेश गुप्ता और प्राइमरी वर्ग की बेस्ट टीचर सोनम तोमर को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि शिक्षा ही सफलता की असली कुंजी है। मेहनत और लगन से ही छात्र-छात्राएं अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। वहीं डायरेक्टर शेखर सक्सेना ने कहा कि यह शानदार परिणाम शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन का प्रतिफल है।
समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। अभिभावकों ने भी बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की।
इस अवसर पर चेयरमैन महेश चंद्र सक्सेना, डायरेक्टर शेखर सक्सेना, एमडी आशीष सक्सेना, प्रधानाचार्या शिल्पी, ओम किशन शर्मा, जेपी सिंह, दिनेश माथुर, चेतन वार्ष्णेय, उमेश वार्ष्णेय, अंबिका चौहान, सोनम, अंजली, अंशिका, सिद्धार्थ, अर्पित सहित समस्त स्टाफ व अभिभावकगण मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat