बालाजी धाम में आस्था का सैलाब: जन्मोत्सव पर उमड़ी भीड़, भक्ति में डूबा पूरा बिल्सी

जयकारों से गूंजा बालाजी धाम: भव्य श्रृंगार, सुंदरकांड और भंडारे ने मोहा मन
नन्हे-मुन्ने बच्चों ने केक काटकर लगाया भोग, श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
बिल्सी में धूमधाम से मनाया गया बालाजी जन्मोत्सव: केक भोग से लेकर कन्या भोज तक अनोखा आयोजन
सुबह से देर शाम तक चला धार्मिक कार्यक्रम, भक्तों में दिखा खास उत्साह
संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी। नगर के तहसील रोड स्थित श्री बालाजी भक्ति धाम में 2 अप्रैल, गुरुवार को श्री बालाजी महाराज का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को दो दिन पूर्व ही भव्य रूप से सजाया गया था तथा समस्त धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी पहले से ही तैयार कर ली गई थी।
जन्मोत्सव के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में श्री बालाजी महाराज का पंचामृत एवं पवित्र जल से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके पश्चात बाबा को नवीन चोला अर्पित कर भव्य श्रृंगार किया गया तथा श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से आरती-पूजन संपन्न किया गया। कार्यक्रम के अगले चरण में यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित भक्तों ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
इसके उपरांत बाबा को विभिन्न प्रकार के प्रसाद का भोग अर्पित किया गया और सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। संगीतमय सुंदरकांड पाठ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर शामिल हुए। पाठ के समापन पर महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने श्रद्धा के साथ भाग लिया।
दोपहर में कन्या भोज का आयोजन किया गया तथा बाबा की प्रसादी पंगत के रूप में श्रद्धालुओं को ससम्मान भोजन कराया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण शाम के समय देखने को मिला, जब नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा केक काटकर श्री बालाजी महाराज को भोग अर्पित किया गया। इस अनूठे आयोजन ने सभी भक्तों और सेवादारों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर श्री बालाजी भक्त मंडली के सेवादारों का विशेष योगदान रहा। प्रमुख रूप से गोविंद देवल, डॉ. उदय राज, अभिषेक देवल, ऋतिक देवल, मनजीत देवल, दीपक देवल, आयुष सिंह, अमित वार्ष्णेय, देवांश देवल, विष्णु देवल, डब्बू देवल, अभिषेक सहित अन्य अनेक सहयोगियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्पूर्ण आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
Budaun Amarprabhat