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ज्ञान भारतम् मिशन’ से सहेजी जाएगी विरासत: पांडुलिपियों का होगा डिजिटल खजाना तैयार

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संवाददाता: गोविंद देवल

प्राचीन ज्ञान को बचाने की पहल, मोबाइल ऐप से होगा सर्वेक्षण कार्य

बदायूँ। जनपद में प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ज्ञान भारतम् मिशन योजना शुरू की गई है। मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों का संरक्षण कर उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जो गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस कार्य की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।
मठ-मंदिर से लेकर निजी संग्रह तक होगा सर्वे
मिशन के अंतर्गत सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों, मठ-मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों तथा निजी संग्रहों में उपलब्ध हस्तलिखित ग्रंथों, ताड़पत्रों, भोजपत्रों और अन्य दस्तावेजों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसके बाद इन पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम् पोर्टल पर आमजन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षक, छात्र और स्वयंसेवक बनेंगे सर्वेक्षक
सीडीओ ने बताया कि इस अभियान में सर्वेक्षक के रूप में संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के अध्यापक, इतिहास व पुरातत्व विषय के शिक्षक, पुस्तकालय व संग्रहालय के कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, एनएसएस-एनसीसी के स्वयंसेवक, महाविद्यालय व विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा विरासत संरक्षण से जुड़े संगठनों के सदस्य शामिल किए जाएंगे।
इस पहल से न केवल प्राचीन ज्ञान का संरक्षण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।


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