महर्षि कश्यप जयंती कार्यक्रम में गरजे मंत्री डॉ. संजय निषाद, बोले—आरक्षण से लेकर सम्मान तक की लड़ाई जारी, पश्चिम में बढ़ते प्रभाव का किया दावा
संवाददाता: गोविंद देवल
लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विपक्ष और समाज के कथित ठेकेदारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि निषाद-कश्यप समाज अब किसी की “जेब का वोट बैंक” नहीं रहेगा, बल्कि अपनी ताकत से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि पहले यह कहा जाता था कि निषाद पार्टी पूर्वांचल तक सीमित है, लेकिन आज दिल्ली के आसपास के जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर पार्टी ने अपनी ताकत दिखा दी है। “हमें रोकने की कोशिशें हुईं, लेकिन अब लोग खुद गांव-गांव जाकर हमारे प्रभाव से चिंतित नजर आ रहे हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के दौरान निषाद ने समाज से सीधा सवाल किया—“किसी की पॉकेट में रहना है या अपने दल के साथ आगे बढ़ना है?” उन्होंने दावा किया कि अब गुर्जर समाज भी बड़ी संख्या में उनके साथ जुड़ रहा है और यह गठजोड़ आगे और मजबूत होगा।
मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि मछुआ समाज को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की योजनाओं के माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार और सम्मान मिला है, जिन्हें इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मझवार और तुरैहा समाज का हक दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। “हमने कभी यह मुद्दा भुलाया नहीं और न ही किसी को भूलने दिया। हमें भरोसा है कि इसका समाधान केवल प्रधानमंत्री ही करेंगे,” उन्होंने कहा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने अखिलेश यादव से पांच सवाल पूछे और आरोप लगाया कि समाज के सम्मान की बात केवल चुनावी समय में याद आती है। उन्होंने वीरांगना फूलन देवी के सम्मान के मुद्दे पर भी सपा को घेरा।
अपने विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए निषाद ने कहा कि चार वर्षों में मत्स्य विभाग की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनी है और उत्तर प्रदेश इनलैंड फिशरीज में देश में नंबर एक बना है। उन्होंने बताया कि पहले विभाग का बजट बेहद सीमित था, लेकिन अब कई योजनाओं के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी के पीछे भागने से बेहतर है कि लोग मत्स्य विभाग की योजनाओं से जुड़कर अपना रोजगार शुरू करें। “सरकार की योजनाएं आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक मामले में पीड़ित परिवार से मिलने से रोका गया और गाजियाबाद में नजरबंद किया गया। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वे हर पीड़ित के साथ खड़े रहेंगे।
गुर्जर समाज को साधते हुए निषाद ने कई मांगों का ऐलान किया, जिनमें दादरी स्थित सम्राट मिहिर भोज कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने, स्वतंत्रता सेनानियों विजय सिंह पथिक और धन सिंह कोतवाल को भारत रत्न देने तथा मेरठ का नाम बदलने की मांग शामिल है।
अंत में उन्होंने समाज से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलकर ही समाज मजबूत बनेगा। “समय बदल चुका है, अब हम किसी के भरोसे नहीं, अपनी ताकत से आगे बढ़ेंगे,” उन्होंने कहा।
Budaun Amarprabhat