बिल्सी। विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का विकास करने के उद्देश्य से फ्यूचर लीडर्स स्कूल, बिल्सी में “ऑनलाइन शिक्षा बनाम ऑफलाइन शिक्षा” विषय पर एक प्रभावशाली वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने सशक्त तर्कों, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के चारों सदनों—कौटिल्य हाउस, कस्तूरबा हाउस, कलाम हाउस एवं कल्पना हाउस के प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में तार्किक, तथ्यपूर्ण एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए।
ऑनलाइन शिक्षा के समर्थकों ने आधुनिक तकनीक, समय की बचत, घर बैठे गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री की उपलब्धता तथा वैश्विक शिक्षा संसाधनों तक सरल पहुंच को इसकी प्रमुख विशेषताएं बताया। वहीं ऑफलाइन शिक्षा के पक्ष में बोलने वाले विद्यार्थियों ने शिक्षक-विद्यार्थी के प्रत्यक्ष संवाद, अनुशासित शिक्षण वातावरण, सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास तथा व्यावहारिक शिक्षण की महत्ता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में दृष्टि यादव, रिया यादव, माधव उपाध्याय, इशिता, आरुषि शाक्य, खुशी एवं तमन्ना राठौर ने अपने उत्कृष्ट वक्तृत्व कौशल, तार्किक क्षमता और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायकों एवं उपस्थित जनसमूह की विशेष सराहना प्राप्त की।
विद्यालय के डायरेक्टर श्री वी.पी. सिंह ने कहा कि “वाद-विवाद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक सोच, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करती हैं। वर्तमान समय में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही शिक्षा पद्धतियों का अपना महत्व है। विद्यार्थियों को परिस्थितियों के अनुरूप दोनों का संतुलित एवं सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।”
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि “तकनीक आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है, किंतु विद्यालय का अनुशासित वातावरण, शिक्षकों का व्यक्तिगत मार्गदर्शन तथा सहपाठियों के साथ सीखने का अनुभव ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला है।”
प्रधानाचार्य श्री रविन्द्र सिंह ने कहा कि “इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी नई दिशा प्रदान करती हैं।”
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनके तर्कों की मौलिकता, विषय की समझ, भाषा-शैली, प्रस्तुतीकरण एवं मंच संचालन कौशल के आधार पर किया।
इस अवसर पर अकेडमिक हेड सी.के. शर्मा, जूनियर कॉर्डिनेटर परमेंद्र सिंह, प्राइमरी कॉर्डिनेटर केशव शर्मा, प्री-प्राइमरी कॉर्डिनेटर अनामिका सिंह सहित कीर्ति गुप्ता, निकिता गुप्ता, रूबी मौर्य, सिदरा खान, विशेष चौहान, प्रीति श्रीवास्तव, तैबा फातमा, ऐश्वर्या माहेश्वरी, शालिनी शर्मा, विश्वदीपक शर्मा (पी.टी.आई.) एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat