उपशीर्षक: देशभर के शायरों ने पेश किए कलाम, सैकड़ों श्रोता देर रात तक झूमते रहे
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं/सहसवान। दिल्ली हाईवे स्थित सबा मैरिज हॉल में मशहूर शायर ताहिर फ़राज़ और पूर्व चेयरमैन मरहूम हाजी नूरुद्दीन की याद में एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शायरी की महफिल सजी तो श्रोताओं ने देर रात तक लुत्फ उठाया।
मुशायरे की निज़ामत बदायूं का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले शायर हिलाल बदायूनी ने की, जबकि सदारत भी उनके द्वारा की गई। उन्होंने अपने अंदाज़ में शेर पढ़कर महफिल में जान डाल दी—
“मुझे ये फ़ख़ है तुम को ख़याल रहता है,
तुम्हारे ज़ेहन में कोई ‘हिलाल’ रहता है।
अभी लगी ही नहीं शोहरतों की गर्म हवा,
अभी से खून में इतना उबाल रहता है।”
कार्यक्रम के मेहमान-ए-खुसूसी के रूप में सपा नेता जमालुद्दीन और प्रदेश सचिव शाहिद अली खान मौजूद रहे। मुशायरे के सफल आयोजन में कन्वीनर अनवर खान (पत्रकार), सलीम सिद्दीकी और तारीफ नियाज़ी की अहम भूमिका रही, जिन्होंने सभी मेहमानों और शायरों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुशायरे का आगाज़ नाते-पाक से हुआ, जिसके बाद एक-एक कर शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम पेश कर महफिल को यादगार बना दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हिलाल बदायूनी ने संचालन के साथ-साथ चिराग के साथ मिलकर अहम जिम्मेदारी निभाई।
इस दौरान नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें डॉ. मुजीब, डॉ. गुफरान, डॉ. मुनीर अख्तर, डॉ. आदिल समी, आमिर सुल्तानी, सैयद आसिम मकनपुरी, काशिफ अली खान, भाजपा नेता फ़राज़ खान, सभासद शादाब अंसारी समेत सैकड़ों श्रोता शामिल हुए।
अंत में मुशायरे के सदर जमालुद्दीन ने सभी शायरों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने न सिर्फ शायरी प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि दिवंगत हस्तियों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
Budaun Amarprabhat