: 18 हजार मानदेय के फैसले से बदायूं के 2670 परिवारों को राहत, 25 साल के संघर्ष को मिला सम्मान
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, जनपद बदायूं ने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है।
संघ के जिला अध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि वर्ष 2001 में मात्र ₹2250 मानदेय से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का सफर कई उतार-चढ़ाव और संघर्षों से गुजरते हुए आज एक नए मुकाम पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि 2017 से ₹10,000 मानदेय पर कार्य कर रहे शिक्षामित्र महंगाई के दौर में आर्थिक व मानसिक दबाव झेल रहे थे, लेकिन अब ₹18,000 मानदेय का निर्णय जनपद के करीब 2670 शिक्षामित्र परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
संरक्षक मनोज यादव और जिला महामंत्री रहीस अहमद ने कहा कि यह निर्णय संगठित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और मीडिया का भी आभार जताया, जिन्होंने शिक्षामित्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया।
जिला मीडिया प्रभारी श्याम निवास राजपूत ने कहा कि इस फैसले से शिक्षामित्रों में खुशी का माहौल है और यह उनके योगदान की बड़ी स्वीकारोक्ति है। वहीं जिला सचिव धर्मपाल सिंह राजपूत ने मानदेय वृद्धि के साथ-साथ 5 लाख तक कैशलेस इलाज, मूल विद्यालय वापसी और महिला शिक्षामित्रों को ससुराल के निकट स्थानांतरण की सुविधा के लिए भी सरकार का धन्यवाद किया।
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👉 25 साल का संघर्ष रंग लाया
2001 से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का सफर अब सम्मान की ओर बढ़ा है।
👉 आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ेगा मनोबल
मानदेय वृद्धि से न केवल आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में कार्य करने का उत्साह भी बढ़ेगा।
👉 इन पदाधिकारियों ने जताया आभार
जहीरूल इस्लाम, अनूप कुमार सिंह, लक्ष्मण यादव, सतेन्द्र उपाध्याय, राजीब उपाध्याय, शमाम हुसैन कादरी, रक्षपाल कश्यप, अनिल कुमार, मुकेश बाबू, रजनीश मिश्रा, चरन सिंह यादव, गजेंद्र सिंह राजपूत, महेंद्र पाल सिंह, बच्चन, सुनील कुमार सिंह (बिल्ला भईया), हृदेश शर्मा सहित कई पदाधिकारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat