अपराध समीक्षा बैठक में सख्त तेवर—पर्वों से पहले अलर्ट मोड पर पुलिस, जनशिकायत निस्तारण और यातायात सुधार पर जोर
संवाददाता: गोविंद देवल
लखनऊ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण ने गुरुवार को ऑनलाइन माध्यम से सभी जनपदीय प्रभारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की, जिसमें लापरवाही बरतने वालों पर सीधा एक्शन लिया गया।
बैठक के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार न होने पर 5 थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि 2 क्षेत्राधिकारी यातायात के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए। डीजीपी के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मच गया है।
डीजीपी ने आगामी पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों को देखते हुए सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
बैठक में IGRS एवं जनशिकायत निस्तारण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
इसके साथ ही मीडिया के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की बात भी कही गई। डीजीपी ने निर्देश दिए कि किसी भी घटना की तथ्यात्मक, अद्यतन और प्रमाणिक जानकारी समयबद्ध रूप से मीडिया को उपलब्ध कराई जाए, जिससे अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
यातायात प्रबंधन में सुधार, विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण, व्यापार मंडलों से नियमित संवाद एवं न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। ‘यक्ष’ एप के प्रभावी उपयोग के साथ ZFD एवं C-RTC योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
डीजीपी के इस सख्त संदेश के बाद साफ है कि अब लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी और जवाबदेही तय की जाएगी।
Budaun Amarprabhat