Breaking News

सत्संग में गूंजा संदेश: स्वार्थ से नहीं, परमार्थ से मिलता सच्चा सुख

Spread the love

गुधनी के प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में साप्ताहिक सत्संग, वैदिक मंत्रों से विश्व शांति की कामना

संवाददाता: गोविंद देवल

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज द्वारा आयोजित साप्ताहिक सत्संग में श्रद्धा, आध्यात्म और वैदिक विचारों का अनुपम संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
सत्संग का ब्रह्मत्व आचार्य संजीव रूप ने किया। इस दौरान कुमारी ईशा आर्य और कुमारी उर्वशी आर्य ने वेद मंत्रों का मधुर पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अपने उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि स्वार्थी व्यक्ति कभी सुखी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सच्चा महात्मा वही है, जो दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनता है। स्वार्थपूर्ण सोच रखने वाले लोग भले ही धन, पद और प्रतिष्ठा हासिल कर लें, लेकिन उनकी कीर्ति नष्ट हो जाती है और मन की शांति समाप्त हो जाती है।
आचार्य ने अथर्ववेद के लगभग 100 मंत्रों के साथ विश्व शांति के लिए आहुतियां दिलाते हुए कहा कि युद्ध का अंत होना चाहिए, लेकिन बुराई के खिलाफ संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अपनी सत्ता और विस्तार के लिए किया गया युद्ध अनैतिक है।
इस अवसर पर मास्टर अगर पाल सिंह, विचित्रपाल सिंह, पंजाब सिंह, राकेश आर्य, नीरेश आर्य, श्रीमती सूरजवती देवी, श्रीमती संतोष कुमारी, श्रीमती कमलेश कुमारी, श्रीमती गुड्डी रानी, श्रीमती सरोज देवी सहित आर्य संस्कारशाला के बच्चे उपस्थित रहे।
सत्संग का समापन आध्यात्मिक ऊर्जा और मानवता के संदेश के साथ हुआ।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

भारी बारिश में हाईवे पर गिरा पाकड़ का पेड़, यातायात बाधित, बिजली आपूर्ति प्रभावित

Spread the loveम्याऊं (बदायूं)। रविवार को हुई तेज बारिश के दौरान अलापुर थाना क्षेत्र की …

error: Content is protected !!