जालौन में फसल तबाह, खसरा गड़बड़ी और फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर आंदोलन की चेतावनी
संवाददाता: गोविंद देवल
लखनऊ/जालौन। जनपद जालौन में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि और खराब मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा ने जिलाध्यक्ष दिनेश जैसारी के साथ प्रभावित गांवों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी और किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सर्वे प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर लेखपाल द्वारा किए गए सर्वे में खसरा रिकॉर्ड में गलत फसलों का उल्लेख किया गया है। जहां खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है, वहां अन्य फसलें दर्ज कर दी गई हैं। इससे किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री को लेकर भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। अनेक किसानों की रजिस्ट्री सही तरीके से नहीं की गई है, जबकि सरकारी प्रावधान के अनुसार बिना रजिस्ट्री के किसी भी प्रकार का मुआवजा या लाभ मिलना संभव नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों के राहत से वंचित रहने का खतरा मंडरा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा ने कहा कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है और संगठन लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सर्वे की गड़बड़ियों को जल्द ठीक कर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, खसरा की त्रुटियों को सुधारा जाए और हर प्रभावित किसान को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान विजय कुमार शास्त्री, आयुष सिंह, अबधपाल, पुरुषोत्तम सक्सेना, अनुज चमारी, बृज बिहारी राजपूत, कमल खान, जिला महासचिव कमलेश सिंह और नेता राजेश पाल सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat