नव दिवसीय कथा में रामायण के मार्मिक प्रसंगों ने बांधा समां, आरती-प्रसाद के साथ हुआ भव्य समापन

संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी। मेरे राम कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित नव दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव का रविवार की रात भक्ति और श्रद्धा के माहौल में विधिवत समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक संत रवि जी समदर्शी महाराज ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भरत-शत्रुघ्न के अयोध्या आगमन, भरत-कोशल्या संवाद, महाराज दशरथ की अंत्येष्टि, चित्रकूट गमन, भारद्वाज आश्रम में सत्कार, राम-भरत मिलाप और पादुका प्रदान जैसे प्रसंगों को विस्तार से प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
इसके साथ ही जयंत कुटिलता, अत्रि-अनसूया प्रसंग, जटायु मिलन, पंचवटी निवास, शूर्पणखा प्रसंग, मारीच वध, सीता हरण और रावण-जटायु युद्ध जैसे प्रसंगों ने माहौल को भावुक बना दिया। कथा के अगले भाग में शबरी प्रसंग, हनुमान मिलन, सुग्रीव-राम मित्रता, बाली वध, सीता की खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, सेतु निर्माण और अंत में रावण वध का प्रभावी वर्णन किया गया।
समापन अवसर पर आरती, प्रसाद वितरण और यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान यजमान राधेश्याम पाली समेत पंडित सोनू शर्मा, गोपाल शर्मा, धर्मेंद्र सक्सेना, गिरीश पाल सिंह, मंगली राम शर्मा, अरुण शर्मा, सत्येंद्र सजग, विपिन कुमार सिंह, आकाश दीप, सतीश कश्यप, भानु चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, अतुल सोलंकी, दुष्यंत सोलंकी, पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रसाद ग्रहण किया।
समापन के साथ ही क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक याद रखेंगे।
Budaun Amarprabhat