🔹 कई विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रमों में हुए शामिल, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा का दिया संदेश
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर बदायूं जनपद में विविध कार्यक्रमों की धूम रही। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया और बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांसद ने अपने दौरे की शुरुआत उझानी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क से की, जहां उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद बदायूं शहर के अंबेडकर पार्क और बिल्सी के होली चौक स्थित पार्क में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर लोगों से संवाद किया।
सहसवान विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंधरौली में आयोजित सभा इस दौरे का मुख्य केंद्र रही, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यहां संबोधित करते हुए सांसद आदित्य यादव ने कहा कि बाबा साहब का जीवन सामाजिक क्रांति का प्रतीक है, जिसने वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि संविधान देश की आत्मा है, जो हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है।
अपने संबोधन में सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं और गरीब-किसान के हितों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने बदायूं की स्थानीय समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसान उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहा है, युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और गांवों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी पूरी तरह सुलभ नहीं हैं।
इसके बाद सांसद बिसौली के फैजगंज बेहटा, गुन्नौर के गवां और बबराला स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने शोभायात्राओं में भाग लिया और बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के अंत में सांसद आदित्य यादव ने बाबा साहब के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को दोहराते हुए सभी से इसे जीवन में अपनाने की अपील की।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, विधायक राम खिलाड़ी यादव, ब्रजेश यादव, हिमांशु यादव, पूर्व विधायक हाजी बिट्टन, भूपेंद्र दद्दा, आरके शर्मा, लक्ष्मी गौतम सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat