डीएलएसए सचिव सुमन तिवारी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, विधिक सहायता पर दिया जोर
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव श्रीमती सुमन तिवारी ने 18 अप्रैल 2026 को जिला कारागार बदायूं का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन बंदियों की स्थिति की जानकारी ली, जो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 436ए के अंतर्गत आते हैं और अपनी आधी सजा से अधिक समय जेल में व्यतीत कर चुके हैं। इस संबंध में अधीक्षक जिला कारागार को आवश्यक सूची उपलब्ध कराने और रिहाई से जुड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
सचिव ने कारागार की पाकशाला एवं बैरकों का निरीक्षण कर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही बंदियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार की व्यवस्था और नियमित दवा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
महिला बंदियों से अलग से बातचीत करते हुए उनके साथ रह रहे बच्चों की स्थिति की जानकारी ली गई। इस दौरान 19 महिला बंदियों के साथ रह रहे 4 छोटे बच्चों के लिए दूध की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण
जिला कारागार चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने बताया कि महिला बंदियों के लिए अलग से चिकित्सालय उपलब्ध नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर उनका उपचार महिला बैरक में ही किया जाता है।
लोक अदालत को लेकर भी जागरूकता
निरीक्षण के दौरान आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है।
इस अवसर पर कारागार एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat