गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में सेमिनार, ई-लर्निंग से लेकर टेलीमेडिसिन तक के प्रभाव पर हुई चर्चा
बदायूं। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग की ओर से “डिजिटल युग में शिक्षा एवं स्वास्थ्य की चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्या प्रो. सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल युग ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। यह जहां नए अवसर प्रदान करता है, वहीं कई चुनौतियां भी सामने लाता है। उन्होंने डिजिटल डिवाइड को खत्म करने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के साथ तकनीक के उपयोग पर जोर दिया, ताकि एक समावेशी और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।
समाजशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इति अधिकारी ने कहा कि आधुनिक समय में तकनीक ने ई-लर्निंग और टेलीमेडिसिन के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा बदल दी है, लेकिन इसके साथ ही नए जोखिम भी उत्पन्न हुए हैं।
छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए। बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा भूमिका ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच संभव हुई है। बीए चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा करिश्मा ने डिजिटल रिकॉर्ड और स्वास्थ्य ऐप्स के माध्यम से बीमारियों की ट्रैकिंग और उपचार को आसान बताया।
वहीं, बीए छठें सेमेस्टर की छात्रा अनामिका ने डिजिटल युग की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों की समस्याएं, मानसिक थकान, अवसाद और शारीरिक गतिविधियों में कमी का कारण बन रहा है।
इस दौरान अन्य छात्राओं ने भी शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी डिजिटल चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की विभिन्न विभागों की शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार व्यक्त महाविद्यालय की मीडिया प्रभारी डॉ. सोनी मौर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा किया गया।
Budaun Amarprabhat