: 4.27 लाख से ज्यादा परिवारों को मिला मुफ्त गैस कनेक्शन, महिलाओं के स्वास्थ्य और समय की हुई बचत
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूं
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने बदायूं जनपद में गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का असर अब साफ तौर पर नजर आ रहा है।
1 मई 2016 को नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत बदायूं में अब तक 4,27,386 लाभार्थियों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है।
योजना के तहत एक गैस कनेक्शन की लागत 3962 रुपये निर्धारित है, जिसमें 2200 रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाते हैं, जबकि शेष 1762 रुपये गैस चूल्हा और रिफिल के रूप में उपभोक्ता की सब्सिडी से लोन के जरिए समायोजित होते हैं। इस प्रकार लाभार्थियों को कनेक्शन लगभग निशुल्क मिल जाता है।
प्रदेश सरकार द्वारा उज्ज्वला लाभार्थियों को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे योजना का लाभ और अधिक प्रभावी हो गया है। पात्रता के अनुसार 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला, जिसके परिवार में पहले से एलपीजी कनेक्शन न हो, योजना का लाभ ले सकती है। बीपीएल, अंत्योदय, एससी-एसटी, अति पिछड़ा वर्ग सहित विभिन्न वर्गों को इसमें प्राथमिकता दी जाती है।
पहले जहां महिलाएं लकड़ी, उपले और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर थीं, वहीं अब स्वच्छ गैस ईंधन के उपयोग से उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। धुएं से होने वाली आंख और फेफड़ों की बीमारियों में कमी आई है। साथ ही लकड़ी इकट्ठा करने में लगने वाला समय भी बच रहा है, जिसे महिलाएं अब अन्य कार्यों और स्वरोजगार में लगा रही हैं।
यह योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और सुविधा को बेहतर बना रही है, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान भी दिला रही है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है, क्योंकि इससे वनों पर निर्भरता कम हुई है और प्रदूषण में कमी आई है।
जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और पात्र लाभार्थियों को जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
उज्ज्वला योजना आज बदायूं में महिलाओं के जीवन में बदलाव की मिसाल बन चुकी है, जिसने रसोई को धुएं से मुक्त कर उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान का नया आधार दिया है।
Budaun Amarprabhat