उलेमा ने कहा—शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार, समाज सुधार सबकी जिम्मेदारी
संवाददाता: गोविंद देवल, ककराला
ककराला। जामिअतुल मुस्तफा मोहसिनुल उलूम की ओर से मुहल्ला शुजाअत नगर किरा में स्थित कार्यक्रम स्थल पर सालाना जलसा जश्ने दस्तारबंदी नूरानी माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सरपरस्ती हज़रत अल्हाज शाह मुहम्मद गाजी मियां सकलैनी (सज्जादा नशीन खानकाहे शराफतिया बरेली शरीफ) ने की, जबकि सदारत हज़रत मौलाना सूफी रिफाकत अली खां सकलैनी नईमी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुहम्मद नाज़िम रमज़ानपूरी की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके बाद हसीब रौनक सकलैनी ने नात व मनकबत पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।
तालीम और समाज सुधार पर जोर
मौलाना फरहान मियां शेरी मिस्बाही, मौलाना नदीम मंजरी और डॉ. सैय्यद फजलुल्लाह चिश्ती ने अपने संबोधन में तालीम की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा हासिल करना हर व्यक्ति का हक है और समाज को बुराइयों से मुक्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मौलाना अनवार अहमद को मिला ‘शाह सकलैन अवार्ड’
कार्यक्रम में मौलाना अनवार अहमद शेरी की तालीमी, समाजी व तसनीफी सेवाओं के लिए उन्हें सिपास नामा व “शाह सकलैन अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
भारी संख्या में लोग रहे मौजूद
जलसे में विशेष अतिथि के रूप में हज़रत नासिर मियां, मौलाना सैय्यद महफूज़ मियां, डॉ. जफरुद्दीन बरकाती, मुख्तार तिलहरी सहित क्षेत्र के कई उलेमा, हाफिज़, इमाम और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की।
कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती फहीम अहमद सकलैनी ने किया। अंत में हाफिज़े कुरआन की दस्तारबंदी की गई और हज़रत गाजी मियां की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Budaun Amarprabhat