कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए पांच नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। नई टीम में महिला, ब्राह्मण, मतुआ और आदिवासी समाज से जुड़े चेहरों को शामिल कर भाजपा ने सामाजिक संतुलन साधने का संदेश देने की कोशिश की है।
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नेताओं में बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष भी शामिल हैं। खड़गपुर सीट से विधानसभा पहुंचने के बाद उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी गई है। वहीं भाजपा की प्रमुख महिला नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वह लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं।
बनगांव उत्तर से विधायक अशोक कीर्तनिया को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। माना जाता है कि मतुआ समुदाय के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। रानीबांध से पहली बार विधायक बने खुदीराम टुडू को आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व देते हुए मंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और सांसद रह चुके निशीथ प्रमाणिक को भी सरकार में शामिल किया गया है। विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई टीम के जरिए भाजपा ने विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है, जिससे आगामी राजनीतिक समीकरणों को मजबूती मिल सके।
Budaun Amarprabhat