भीषण गर्मी में राहगीरों को पिलाया ठंडा पानी, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील
संवाददाता : गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच भारत स्काउट गाइड संस्था द्वारा गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर लगाए गए निशुल्क शीतल जल सेवा शिविर के 14वें दिन स्काउट गाइड बच्चों ने राहगीरों और यात्रियों को ठंडा पानी पिलाकर मानवता और सेवा का संदेश दिया। तपती धूप में बच्चों का सेवा भाव लोगों के लिए राहत और प्रेरणा का केंद्र बना रहा।
इस दौरान स्काउट गाइड बच्चों ने लोगों को पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।
शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे स्काउट संस्था के ऑडीटर एसडी शर्मा और गांधी नेत्र चिकित्सालय की सदस्य पुष्पा टंडन ने कहा कि यदि जल की बर्बादी इसी प्रकार जारी रही तो भविष्य में पीने योग्य पानी को लेकर संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अभी से सचेत होने की जरूरत है और जल की प्रत्येक बूंद बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जल प्रकृति का सबसे अमूल्य उपहार है। एक समय था जब नदियों, तालाबों, कुओं और नलों में पानी सहज रूप से उपलब्ध होता था, लेकिन आज हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरती का सीना चीरकर भूजल तो निकाला जा रहा है, मगर जल संरक्षण के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
उन्होंने कहा, “आज पानी बोतलों में बिक रहा है, जो आने वाले बड़े संकट की चेतावनी है।”
जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने कहा कि प्रकृति का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। नदियां सूख रही हैं, तालाब खत्म होते जा रहे हैं और प्राकृतिक जल स्रोत तेजी से कम हो रहे हैं। ऐसे में पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बेहद जरूरी है।
राजाराम महिला इंटर कॉलेज की गाइड कैप्टन पुष्पा दिवाकर ने कहा कि प्रकृति से प्राप्त संसाधनों का संयमित उपयोग करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर समाज में सकारात्मक संदेश देना चाहिए।
इस अवसर पर रोहित गुप्ता, फरदीन अहमद, सचिन पाल, उर्मी मौर्य, पूजा मौर्य, यष्टि, आकांक्षा, सिद्धि गुप्ता, अंशिका सहित स्काउट गाइड बच्चों ने राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई।
Budaun Amarprabhat