खाद्य पदार्थों के नए मानक तय करने और निर्माता को पार्टी बनाने की उठी मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
संवाददाता : गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को व्यापारियों ने फूड एक्ट में मौजूद खामियों को दूर करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र जिला अभिहीत अधिकारी सीएल यादव, सहायक आयुक्त ग्रेड-2 खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में संशोधन और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि वर्तमान फूड एक्ट के मानकों के कारण व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सैंपल भरते समय फॉर्म-5 क निर्माता को नहीं भेजा जाता, जबकि निर्माता को पार्टी बनाए जाने की स्थिति में यह प्रक्रिया अनिवार्य की जानी चाहिए।
प्रांतीय युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश लड्डा ने कहा कि खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट महीनों बाद प्राप्त होती है, जबकि कानून में 14 दिन के भीतर रिपोर्ट देने का प्रावधान है। उन्होंने सभी राजकीय प्रयोगशालाओं को समयसीमा के भीतर रिपोर्ट जारी करने के निर्देश देने की मांग की।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने कहा कि केंद्रीय प्रयोगशाला में पुनः जांच के लिए भेजे जाने वाले पत्र देर से जारी किए जाते हैं, जिससे खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट निकल जाती है। वहीं जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने नमूना फेल होने की स्थिति में तत्काल पुनः जांच प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई।
जिला चेयरमैन चंद्रसेन माहेश्वरी ने कहा कि कई बार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व न मिलने के बावजूद नमूनों को असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि केवल मानक में कमी पाए जाने पर नमूनों को अधोमानक माना जाए, जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थ मिलने पर ही असुरक्षित घोषित किया जाए।
नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता भल्लु ने मामूली मामलों के लिए शमन व्यवस्था लागू करने और खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जानकारी रखने वाले पूर्णकालिक न्याय निर्धारण अधिकारी की नियुक्ति की मांग की।
नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने कहा कि निर्माता कंपनियां पहले से ही एनएबीएल लैब से जांच कराकर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करती हैं, ऐसे में सीलबंद पैकिंग पर छापेमारी कार्रवाई बंद की जानी चाहिए।
जिला कोषाध्यक्ष अमित वैश्य ने प्राइवेट लैब की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग उठाई। जिला उपाध्यक्ष मृगांक जैन ने खाद्य पदार्थों में कीटनाशक और रासायनिक खाद के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नए मानक तय करने की आवश्यकता बताई।
जिला उपाध्यक्ष नरेश शंखधार ने सरकार द्वारा भरे गए सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और उन्हीं के आधार पर नए मानक तय करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवनीत गुप्ता शोंटू, अवधेश लड्डा, रूपेंद्र सिंह लाम्बा, चंद्रसेन माहेश्वरी, नरेश शंखधार, दिनेश गुप्ता, हाजी राशिद सैफी, जावेद खान, अमित वैश्य, सर्वत हमीद खान, राजेश गुप्ता भल्लु, राहुल सोलंकी, मृगांक जैन टीटू, राजेश सिंह, संजय रस्तोगी, संजय शर्मा, सर्वेश गुप्ता, सौरभ गुप्ता, कुलदीप वैश्य, सुरेंद्र नानक, संजीव आहूजा एवं दीपक सक्सेना सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat