टिकैत की पुण्यतिथि पर किसानों ने किया हवन-पूजन, पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया कार्यक्रम
जांच अधिकारी बदले जाने के बाद भाकियू ने स्थगित किया धरना और मौन घेराव
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक किसान मसीहा स्वर्गीय Mahendra Singh Tikait की 15वीं पुण्यतिथि गुरुवार को मालवीय आवास गृह में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। भाकियू नेताओं और किसानों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर हवन किया तथा श्रद्धांजलि दी।
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस बार पुण्यतिथि को पर्यावरण दिवस के रूप में भी मनाया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के चित्रांश नगर स्थित कैंप कार्यालय पर वृक्षारोपण किया गया।
“किसानों को आवाज उठाना टिकैत ने सिखाया”
मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। किसानों के आंदोलन की हुंकार आज भी उनके नारों से गूंजती है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हकों के लिए आवाज उठाना चौधरी साहब ने ही सिखाया था।
दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल किसानों से वार्ता करने पहुंचे। इस दौरान पहले से चल रहे कथित झूठे हरिजन एक्ट मुकदमे के विरोध में धरना भी जारी था। किसानों को बताया गया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच दूसरे अधिकारी को सौंप दी गई है और अब दातागंज क्षेत्राधिकारी मामले की जांच करेंगे।
जांच बदली तो धरना भी हुआ स्थगित
सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से धरना समाप्त करने की अपील की। इसके बाद मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना और मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने संयुक्त रूप से घोषणा करते हुए धरना स्थगित करने का ऐलान किया।
नेताओं ने बताया कि पहले प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का मौन घेराव किया जाना था, लेकिन जांच अधिकारी बदलने के बाद इसे भी स्थगित कर दिया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। हरी टोपी पहनकर पहुंचे किसानों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान ठाकुर अजय पाल सिंह, अर्जुन सिंह, केसर अली, पप्पू सैफी, पूरनलाल गुप्ता, जुगल किशोर यादव, पप्पू यादव, बाबा गरीबदास, उदयवीर सूरदास, नसरीन बेगम, पप्पू कुशवाहा, साबिर हुसैन, सुरेश दीवान, बृजपाल प्रजापति समेत बड़ी संख्या में किसान नेता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat