बदायूँ। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बदायूँ पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में दोषी को न्यायालय ने तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना कादरचौक में वर्ष 2022 में दर्ज मुकदमा संख्या 197/22 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी शिवकुमार पुत्र चन्द्रपाल निवासी सकरी कासिमपुर थाना कादरचौक के खिलाफ धारा 354, 452 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उप निरीक्षक विक्रम सिंह यादव ने पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी और मॉनीटरिंग के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बदायूँ की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने धारा 452 आईपीसी में तीन वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 में तीन वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
मामले में पैरवी करने वाले एचसीपी सुमित कुमार, विवेचक उप निरीक्षक विक्रम सिंह यादव तथा लोक अभियोजक अरविन्द लाल एडीजीसी की भूमिका को सराहनीय बताया गया।
Budaun Amarprabhat