बिनावर (बदायूं)। संवाददाता मोहम्मद तारिक गाजी। गंगा एक्सप्रेसवे के ग्रुप-2 अंतर्गत बिनावर टोल प्लाजा पर मंगलवार को आपदा प्रबंधन को लेकर साइड मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास का उद्देश्य संभावित सड़क हादसे और रासायनिक रिसाव जैसी आपात स्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल का नेतृत्व एनडीआरएफ बटालियन के कमांडेंट रविंद्र सिंह असवाल, इंस्पेक्टर चमन किशोर गुप्ता तथा फायर स्टेशन ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान अदाणी परियोजना की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद सिंह, सिक्योरिटी एवं इंसिडेंट मैनेजर बलजीत सिंह, सेफ्टी मैनेजर राजेश कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ड्रिल के दौरान एलपीजी टैंकर की दूसरे वाहन से टक्कर होने और टैंकर से गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिससे आग लगने जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होने का अभ्यास किया गया। परिदृश्य में पांच लोगों के वाहन में फंसे होने की स्थिति भी दर्शाई गई।
सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की और फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं फायर सर्विस की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर रिसाव और आग की संभावित स्थिति पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाने का अभ्यास किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
Budaun Amarprabhat