बदायूं। आर्य समाज विद्यापीठ पुरम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और वैदिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन वेला में आचार्य वेदव्रत आर्य के पावन निर्देशन एवं सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक देवयज्ञ से हुआ। इस पुनीत यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार पवन शर्मा उर्फ ‘भारत शर्मा’ उपस्थित रहे और उन्होंने आहुतियां समर्पित कीं।
देवयज्ञ के उपरांत वैदिक विद्वानों और अतिथियों ने यज्ञ और सत्संग के सामाजिक व आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। आचार्य वेदव्रत आर्य ने कहा कि वैदिक यज्ञ न केवल आध्यात्मिक उन्नति का साधन है, बल्कि यह वातावरण को शुद्ध कर प्रकृति और समस्त जीव-जगत को आरोग्य व संतुलन प्रदान करता है।
वेदवीर आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि आर्य समाज के सिद्धांत समाज को अंधविश्वास से मुक्त कर सत्य, सदाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाते हैं। सत्संग में हिमांशु आर्य द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर ईश भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही ‘सत्यार्थ प्रकाश’ एवं ‘ज्ञान पीयूष’ के महत्वपूर्ण अंशों का वाचन कर उनके व्यावहारिक संदेशों पर मंथन किया गया।
सत्संग के अंतिम सत्र में आर्य समाज के दस नियमों का पाठ, संगठन सूक्त का वाचन तथा विश्व कल्याण की कामना के साथ शांति पाठ किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से वेदवीर आर्य, पवन कुमार, वेदार्थ आर्य, वेदमित्र आर्य, योगेश, रामप्रकाश सिंह, मुकुल चतुर्वेदी, कोटपाल सिंह, अभय पाल सिंह राठौर, वेदप्रकाश आर्य, राधा यादव, वेदभानु आर्य, तनुज यादव, आदित्य यादव, तान्या यादव, सुमनलता, वेदरत्न आर्य, वेदांश आर्य तथा हिमांशु आर्य सहित अनेक धर्मप्रेमी व श्रद्धालु उपस्थित रहे। सत्संग के समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
Budaun Amarprabhat