बदायूं। जनपद बदायूं के जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदी की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहत निवासी 55 वर्षीय इकरार अहमद पुत्र सफी अहमद काफी समय से जनपद बरेली के थाना कैंट स्थित ग्राम कांधरपुर में परिवार सहित रह रहा था। करीब दो माह पूर्व बिनावर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी (धारा 420) के एक मामले में इकरार अहमद और उसके दो बेटों, इस्लाम व इस्पाक को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जिला कारागार बदायूं भेजा था। परिजन लगातार न्यायालय से उनकी जमानत कराने के प्रयास में जुटे हुए थे, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।
जेल प्रशासन के अनुसार, बीते दिन जेल परिसर में अचानक इकरार अहमद की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। जेल स्टाफ ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की देखरेख में उपचार चल रहा था, जहां देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
बंदी की मौत की आधिकारिक सूचना जैसे ही परिजनों को दी गई, परिवार में चीख-पुकार मच गई। रोते-बिलखते परिजन तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। नियमानुसार पूरे मामले की न्यायिक/मजिस्ट्रियल जांच प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की स्पष्ट जानकारी हो सकेगी।
Budaun Amarprabhat