बदायूँ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के अंतर्गत बदायूँ पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल पर्यवेक्षण और पुलिस-अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय एडीजे-09/एनडीपीएस कोर्ट, बदायूँ ने गोवध निवारण अधिनियम व शस्त्र अधिनियम के दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 3-3 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 7,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पूरा मामला थाना कादरचौक से संबंधित है, जहाँ वर्ष 2016 में रमजानपुर निवासी जहीर पुत्र मुस्ताक और मुजाहिद पुत्र जाहिद के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे (मु0अ0सं0 670/16, 672/16, 673/16, 674/16) दर्ज किए गए थे। विवेचक उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार द्वारा गहन विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
इस मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित कर जनपद मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार आरक्षी सवैन्द्र ने लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह व सुधीर कुमार मिश्रा के साथ समन्वय बनाकर कोर्ट में सशक्त पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को गोवध अधिनियम की धारा 8(2) में 3-3 वर्ष की सजा और 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना, तथा धारा 4/25 आर्म्स एक्ट में 1-1 वर्ष की सजा व 1,000-1,000 रुपये का जुर्माना सुनाया। इसके अलावा, अभियुक्त जहीर को धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में पृथक रूप से 1 वर्ष की सजा और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस व अभियोजन टीम की इस सक्रिय भूमिका की सराहना की जा रही है।
Budaun Amarprabhat